हिंदी गद्य के आधुनिक युगद्रष्टा 'अज्ञेय' की कालजयी कृतियों और सूक्ष्म वैचारिक दृष्टि का प्रामाणिक संकलन।
"अज्ञेय रचनावली खंड-4" आधुनिक हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित लेखक और विचारक सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन के पुस्तक 'अज्ञेय' के कालजयी साहित्य का महत्वपूर्ण संकलन है। यह भाग अज्ञेय जी के बौद्धिक गद्य, कलात्मक शिल्प और जीवन-दृष्टि को बहुत ही प्रामाणिक रूप से प्रस्तुत करता है, जो ख्यातिलब्ध समीक्षक कृष्णदत्त पालीवाल ने संपादित किया है। पाठक अज्ञेय की भाषा-शैली और उनकी आधुनिक साहित्यिक चेतना से इस खंड के माध्यम से सीधे जुड़ सकते हैं। हिंदी भाषा के गंभीर पाठकों, शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए यह ग्रंथ अनिवार्य रूप से उपलब्ध होना चाहिए।
अज्ञेय रचनावली खंड-4 | Ajneya Rachnavali Vol 4 — ₹1,000.00
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