गाँधी के कुशल कम्युनिकेटर और जन-नेता बनने की ऐतिहासिक दास्तान (Gandhi's First Victory as a Powerful Communicator)
'प्रयोग चम्पारण' वरिष्ठ पत्रकार अरविन्द मोहन की एक अनूठी और ऐतिहासिक कृति है। यह पुस्तक साल 1917 के प्रसिद्ध चम्पारण सत्याग्रह को एक बिल्कुल नए दृष्टिकोण—'संचार और जन-जुड़ाव'—से देखती है। लेखक ने शोध के माध्यम से यह उजागर किया है कि कैसे आदिम संचार युग में भी महात्मा गाँधी ने चम्पारण की धरती पर एक ऐसा अचूक प्रयोग किया, जिसने भारत में उनके पहले सफल आंदोलन की नींव रखी।
प्रयोग चम्पारण — ₹360.00
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